सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्जों की भरमार, विरोध करने पर झूठे मुकदमों मे फंसाने की दी जा रही धमकी

रिपोर्ट-शिवम अवस्थी
हैदरगढ़ बाराबंकी-एक ही पंचवर्षीय मे किसी गांव का प्रधान फारच्यूनर कैसे खरीद लेता है, वो अगर कुछ ग्राम सभाओं की जांच कर ली जाय तो भ्रष्टाचार के काफी मामले सामने आयेंगे! भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा को पार करने के लिये कुछ लोग आंख पर पट्टी बांधकर कूद जाते हैं कि आगे जो भी आयेगा रौंद दिया जायेगा! 8/4/2025 को जिलाधिकारी बाराबंकी से भी लिखित शिकायत की गयी! 9/5/2025 को उपजिलाधिकारी हैदरगढ़ से भी उक्त ग्राम निवासी विपिन सिंह पुत्र रामदेव सिंह, हरिनाम सिंह पुत्र संत बक्स सिंह, धीरेंद्र कुमार सिंह पुत्र भगवान् बक्स सिंह, मनमोहन सिंह पुत्र अंबिका सिंह, मानसिंह पुत्र छोटेलाल सिंह, हनुमान सिंह पुत्र प्रताप बहादुर सिंह, समर बहादुर सिंह पुत्र भवानी भीख सिंह, रामसिंह पुत्र शंकर बक्स सिंह, सरवन सिंह पुत्र हरि बक्स सिंह ने पुनः लिखित मे शिकायत की है! जिसमें ये दर्शाया गया है कि विकास खण्ड हैदरगढ़ की ग्राम पंचायत कोलवा में सत्ता के नशे में चूर ग्राम प्रधान और उनके गुर्गों की दबंगई चरम पर है! ग्राम समाज की ज़मीन पर खुलेआम कब्ज़ा कर लिया गया है, चारागाह को निजी खेत बना दिया गया है और जो भी विरोध करता है, उसे झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। अगर गांव के ही कुछ लोगों की सामूहिक शिकायत पर गौर करें तो कुछ ऐसा ही मामला सामने निकल कर आता हुआ दिख रहा है! फिलहाल जांच कब होगी या नहीं होगी ये भविष्य के गर्भ मे है!
खलिहान पर मकान, चारागाह पर खेती!
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत की खलिहान भूमि (खाता संख्या 230) पर जबरन मकान बना दिया गया है। यही नहीं, चारागाह की भूमि (खाता संख्या 225, गाटा संख्या 38, 122, 146, 218, 257, 300, 416) पर गैरकानूनी ढंग से खेती की जा रही है, जिससे हर साल लाखों का अवैध मुनाफा कमाया जा रहा है।
ग्रामीणों की आवाज़ दबाने की कोशिश!
गांव के जागरूक लोगों ने जब इस अवैध कब्जे का विरोध किया, तो उन्हें धमकाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान और उनके समर्थक उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर चुप कराने की कोशिश कर रहे हैं। उक्त मामलों को लेकर ग्राम बम्हरौली अइमा मजरे कोलवा निवासी हरिनाम सिंह ने संपूर्ण समाधान दिवस तहसील हैदरगढ़ मे जिलाधिकारी से भी की थी लेकिन मामले को नजरअंदाज कर दिया गया!
प्रशासन की नाकामी उजागर !
ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। एसडीएम हैदरगढ़ ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है, मगर सवाल उठता है कि क्या यह सिर्फ़ बयानबाज़ी बनकर रह जाएगा?
बड़े सवाल –
क्या उत्तर प्रदेश सरकार इन भू-माफियाओं पर कार्रवाई करेगी?
क्या प्रशासन कानून का राज स्थापित करेगा या दबंगों के आगे नतमस्तक रहेगा?
कब तक सरकारी ज़मीनों पर कब्ज़ा होता रहेगा और आम जनता बेबस रहेगी?
अगर प्रशासन नहीं जागा, तो यह साफ हो जाएगा कि सिस्टम गरीब और आम जनता को न्याय दिलाने में पूरी तरह नाकाम है!




