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आखिर भूमिया ओं द्वारा कब्जा की गई खलिहान की जमीन पर कब चलेगा बाबा का बुलडोजर?

खलिहान की जमीन पर अवैध निर्माण, शिकायत के बावजूद कार्रवाई सिफर

 

भृष्टाचार में लिप्त अधिकारी यों पर कार्यवाही से क्यों कतरा रहा जिला प्रसाशन?

हैदरगढ़ बाराबंकी। जिलाधिकारी बाराबंकी से लेकर उपजिला अधिकारी हैदरगढ़ को दिए गए शिकायती पत्र एवं समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार पर भी उच्च अधिकारियों द्वारा संज्ञान न लेना भाजपा सरकार की जीरो टैलेन्स नीत को पलीता दिखाया जा रहा है।जानकारी के अनुसार तहसील क्षेत्र के त्रिवेदीगंज की ग्राम सभा में दबंगो द्वारा राजस्व विभाग से सांठ-गांठ कर खलिहान की जमीन पर कब्जा कर रहे है। स्थानीय ग्रामीणों की दर्जनों शिकायतों के बाद भी कार्य प्रगति पर है, जिससे स्थानीय लोगों में क्षेत्रीय लेखपाल पर सवालियां निशान खड़े हो रहे है।

जानकारी के अनुसार ग्रामीणों द्वारा राजस्व के उच्चाधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र में लिखा है। लक्ष्मणपुर मजरे त्रिवेदीगंज की गाटा संख्या 452 जो राजस्व के सभी अभिलेखों में खलिहान दर्ज है। इस भूमि पर स्थानीय ग्रामीण धान, गेंहू की मड़ाई के अलावा उपले पाथने जैसे अन्य कृषि कार्य से सम्बंधित पुवाल (खरही) लगाने के उपयोग में लेते है। ग्रामीणों ने बताया की 452 भूमि नेशनल हाइवे त्रिवेदीगंज से निकल कर नवोदय विद्यालय सोनिकपुर  मार्ग पर स्थित है। वेश कीमती जमीन होने के नाते क्षेत्र के भूमाफियों की नजर उक्त भूमि पर गड़ गई, स्थानीय लोगो ने बताया कि भूमाफिया किस्म के लोगों द्वारा जमीन पर कब्जा करने का प्रयास भी किया लेकिन ग्रामीणों की सजगता से भूमि पर किसी का कब्जा नही हो सका। लक्ष्मणपुर गांव की महिलाएं सिया लली व शिव लली रावत गनेश प्रसाद त्रिवेदी, पंकज त्रिवेदी, संदीप त्रिवेदी ने बताया कि 452 गाटा संख्या के पीछे 453 गाटा है जो लक्ष्मणपुर गांव निवासी धर्मेन्द्र अवस्थी व शैलेन्द्र अवस्थी पुत्रगण अशोक कुमार के नाम दर्ज है, जिन्होने सरकारी जमीन कब्जा करने की नियत से पहले दुकान का निर्माण करवाया और फिर अब वेल्डिग करने की दुकान खोलकर खलिहान पर पूरी तरह से अतिक्रमण फैला कब्जा कर लिया है, यही नही उक्त जन यहां भी नही रूके और अब पुनः 452 सरकारी भूमि पर दुकान निर्माण कराने का कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने सामुहिक रूप से दर्जनो प्रार्थना पत्र प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित क्षेत्रीय विधायक हैदरगढ़ दिनेश रावत एवं जिला अधिकारी बाराबंकी एवं उप जिला अधिकारी हैदरगढ़ को तहसील दिवस में देकर न्याय की मांग की परंतु अब तक परिणाम डाक के तीन पात निकले ।लेकिन अब तक निर्माण कार्य पर रोक नही लग सकी। ग्रामीण उमा महेश त्रिवेदी सदस्य प्रतिनिधि का आरोप है कि भूमि कब्जा कराने में क्षेत्रीय लेखपाल की भूमिका संदिग्ध है। धर्मेन्द्र अवस्थी और शैलेन्द्र का कहना था कि हम 453 संक्रमणीय भूमि पर निर्माण किया है, खलिहान की जमीन से मेरा कोई वास्ता नही है। हल्का लेखपाल स्वयंवीर सिंह से बात किया तो उनका कहना था कि आरोप लगते रहते है, हाथी चलता रहता है। फिलहाल अग्रिम अदेशों तक कार्य पर रोक नहीं लगाया जा सका ।वही शिकायतकर्ताओं का कहना था कि जब तक हम लोगों को न्याय नही मिल जाता तब तक हम सभी चुप नही बैठेगें।अगर न्याय ना मिला तो माननीय उच्च न्यायालय की शरण लेने के लिए बाध्य हूंगा ,जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन पर होगी।

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