सदियों से प्रत्येक वर्ष की भांति हो रही अनवरत श्रीमद्भागवत कथा हुई सम्पन्न
सैकड़ों वर्षों से लगातार होने वाली श्रीमद्भागवत कथा महापुराण का हुआ समापन
बाराबंकी। विकासखंड त्रिवेदीगंज क्षेत्र ग्राम पंचायत टिकरा श्री मां काली देवी स्थान पर में सदियों से चली आ रही अनवरत श्रीमद्भागवत कथा में व्यास उमाशंकर बाजपेई जी। के मुखारविंद से धारा प्रवाह वर्णन कंस के दुराचार अत्याचार से मुक्त होने के लिए धरती पर त्राहि- त्राहि होने लगा यहां तक की देवताओं को भी भय डर सताने लगा। पृथ्वी पर वास करने वाले तथा देवी देवताओं ने भी भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करने लगे । सब की स्तुति से भगवान प्रसन्न हुए और कहा मैं अवतार लूंगा और कंस के अत्याचारों से सबको मुक्ति दिलाऊंगा। समय आने पर विष्णु भगवान ने श्री कृष्ण के रूप में देवकी के गर्भ से अवतार लिया अर्थात (प्रार्दुभाव) हुआ। व्यास महाराज ने प्रभु श्री कृष्ण अवतार की ऐसी संगीतमयी लीला सुनाई की पंडाल में बैठे श्रोतागण भाव विभोर होकर प्रभु का गुणगान करते हुए मंत्रमुग्ध हो गए। श्री कृष्ण की बाल लीलाओं सहित कंस मामा के अंतिम मोक्ष तक की कथा बड़े ही मार्मिक ढंग से व्यास उमाशंकर बाजपेई जी ने सुनाई। उपरोक्त कथा के
आचार्य लवकुश मिश्रा व सहयोगी ढोलक मास्टर के रुप में दिग्गज सिंह तथा
आयोजक देवी शंकर अवस्थी संरक्षिका श्री काली माता मंदिर एवं प्रेम शंकर अवस्थी हर्षित अवस्थी टिंकू मिश्रा जीत बहादुर सिंह देवीप्रसाद अवस्थी अवध प्रसाद अवस्थी रिशू सिंह संजय अवस्थी अनिल अवस्थी बड़कऊ सिंह सुधुम सिंह मुन्नू अवस्थी शीतला प्रसाद तिवारी विनय तिवारी गुड्डू सिंह अखिलेश सिंह सुनील अवस्थी सुख सागर अवस्थी रामू पाण्डेय प्रदीप मिश्रा रौनक अवस्थी जटाशंकर अवस्थी पंकज अवस्थी दीपू मिश्रा शिव शंकर अवस्थी लल्लू सिंह हरीशचंद्र सिंह राम अकबाल सिंह सूर्य नारायण अवस्थी सहित समस्त ग्राम वासियों ने उपरोक्त कार्यक्रम को गति प्रदान की । आपको बता दें कि प्रत्येक वर्ष की भांति कथा अमृत पान के तत्पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन ग्रामीणों के सहयोग से किया जाता है। जो दिनांक 30 जनवरी को संपन्न होगा।





