प्रधानों को विकास कार्य करवाने से पहले देना पड़ता है विकास अधिकारी को मोटा कमीशन
लाखों रुपए की लागत से बना खंड विकास अधिकारी त्रिवेदीगंज आवास पड़ा रहता है खाली

हैदरगढ़ बाराबंकी। विकास खंड त्रिवेदीगंज अंतर्गत खंड विकास अधिकारी त्रिवेदीगंज द्वारा मनरेगा में मनमाना सुविधा शुल्क मांगने की चर्चा जोरों पर है। ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी भी इस कार्य में अछूते नजर नहीं आ रहे हैं वह भी चतुर्थ एवं पंचम राज्य वित्त आयोग व अन्य निधियों में कमीशन के लिए ग्राम प्रधानों को देने के लिए मजबूर कर रहे है।अपना नाम न छापने का अनुरोध करते हुए कुछ ग्राम प्रधानों ने बताया कि खंड विकास अधिकारी द्वारा 15 अगस्त एवं 26 जनवरी को ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम्य विकास अधिकारियों के माध्यम से वसूली की जाती है। न देने पर सचिव को निलंबित करवा देने की भुगतान रोक देने की धमकी दी जाती है एवं नरेगा में खुले आम 20 प्रतिशत की। मांग की जाती है न देने पर भुगतान रोक देने की धमकी दी जाती है।एक ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य जहां जीरो टैलेंस, भ्रष्टाचार को मिटाने की दुहाई दे रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर खंड विकास अधिकारी द्वारा भ्रष्टाचार को खुलेआम बढ़ावा
दे रहीं है ,,यदि इसकी उच्च स्त्रीय जांच करवा ली जाए तो दूध का दूध एवं पानी का पानी अलग हो जाएगा।यही नहीं लाखों रुपए की लागत से बना खंड विकास अधिकारी त्रिवेदीगंज आवास भी खाली पड़ा रहता है और वह रात्रि विश्राम राजधानी लखनऊ में निवासित है,जिसके कारण चौकीदार को छोड़ कर कोई भी अधिकारी एवं कर्मचारी ब्लॉक मुख्यालय पर रहना पसंद नहीं करते है।लोगों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि आखिर इन भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध बाबा का हंटर चलेगा या नहीं?




